निगरानी की सीमा
(Tracking Limit)
AUG-3112
यह पृष्ठ एक अनुवाद है। अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक है।
परिभाषा
निगरानी की सीमा वह संख्या है जिसके आगे आप एक-एक का हिसाब नहीं रख पाते। इस संख्या तक आपका मन काम पर भेजे गए अनेक सहायकों में से हर एक पर नज़र रख पाता है। इससे आगे केवल पूरे समूह की स्थिति दिखाई देती है। यह बदलाव धीरे-धीरे नहीं, एक झटके में होता है। पहले क्षण भर के लिए यह घबराहट होती है कि अब हर एक पर नज़र नहीं रही। फिर आप सोच-समझकर एक-एक का हिसाब रखने की कोशिश छोड़ते हैं और पूरे समूह की स्थिति पर भरोसा करने लगते हैं।
संदर्भ
यह स्थिति तब आती है जब समूह में सदस्यों की संख्या उस हद से आगे बढ़ जाती है, जहाँ तक व्यक्ति हर एक पर नज़र रख सकता है। ऐसा अक्सर काम के बीच में होता है। इसकी पहचान ‘मुझे पता है कि हर एक क्या कर रहा है’ से ‘मुझे पूरे समूह की स्थिति पर भरोसा है’ की ओर होने वाला अचानक बदलाव है।
इसके समान नहीं (मानव पक्ष)
इसका अर्थ विफलता या अभ्यास की कमी नहीं है। निगरानी की सीमा कोई ऐसी कमजोरी नहीं है जो अधिक प्रयास से दूर हो जाए। यह अपनी ध्यान-क्षमता की एक निश्चित सीमा है। जो इसे नकारकर एक-एक का हिसाब रखना जारी रखता है, वह आखिरकार न तो अलग-अलग सहायकों की स्थिति पर नज़र रख पाता है, न पूरे समूह की स्थिति पर।
इसके समान नहीं (मशीन पक्ष)
इसका अर्थ यह नहीं है कि इतनी संख्या हो जाने पर समूह का काम खराब होने लगता है। यह सीमा समूह का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति की है, समूह की नहीं। एक ही संख्या किसी के लिए सीमा के भीतर हो सकती है और किसी दूसरे के लिए उसके पार।
इससे भ्रमित न हों
- यह ‘हम’ कहने की दहलीज़ (AUG-3111) नहीं है। ‘हम’ कहने की दहलीज़ पर मन में अपने बारे में बोलने का ढंग बदलता है। निगरानी की सीमा पर हर एक की स्थिति पर नज़र रखना संभव नहीं रहता।
- यह अलग-अलग कामों पर नज़र रखने की थकान (AUG-3115) नहीं है। वह थकान सीमा के भीतर रहते हुए धीरे-धीरे बढ़ती है। निगरानी की सीमा अचानक आने वाला बदलाव है, धीरे-धीरे क्षमता घटने की प्रक्रिया नहीं।