ज़िम्मेदारी तय करने की कशमकश
(Responsibility Pendulum)
AUG-N14-04
यह पृष्ठ एक अनुवाद है। अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक है।
परिभाषा
ज़िम्मेदारी तय करने की कशमकश मन में चलने वाली वह खींचतान है जो उस समूह में कुछ गलत होने पर पैदा होती है जिसकी अंतिम ज़िम्मेदारी मेरी है। मेरा ध्यान कभी गलती करने वाले पर, कभी काम सौंपने वाले पर और कभी खुद पर जाता है, पर कहीं ठहरता नहीं।
संदर्भ
यह अनुभव समूह के किसी हिस्से को काम सौंपने के बाद कोई गलती सामने आने पर पैदा होता है। दोष किसका है, यह सवाल उठते ही कशमकश शुरू हो जाती है। वह तब तक चलती रहती है जब तक सोच-समझकर लिया गया कोई निर्णय उसे रोक नहीं देता।
इसके समान नहीं (मानव पक्ष)
इसका अर्थ यह नहीं कि ज़िम्मेदारियों का वास्तविक बँटवारा अस्पष्ट है। यह ज़िम्मेदारी तलाशने के दौरान अनुभव की जाने वाली मानसिक स्थिति है, इस बात का प्रमाण नहीं कि कोई सही उत्तर है ही नहीं। कशमकश के अपने आप शांत होने की प्रतीक्षा करने के बजाय सही उत्तर सक्रिय रूप से खोजना पड़ता है।
इसके समान नहीं (मशीन पक्ष)
यह अनुभव नहीं बताता कि गलती का वास्तविक कारण कहाँ था। यह मेरी खोज की प्रक्रिया का वर्णन करता है, सिस्टम में त्रुटियों की वास्तविक शृंखला का नहीं।
इससे भ्रमित न हों
- यह अंतिम नियंत्रण से निश्चिंतता (AUG-N14-03) नहीं है। वह निश्चिंतता पहले मौजूद रहती है और मन को शांत करती है। यह कशमकश बाद में उठती है और बेचैन करती है।
- यह समूह के प्रति भाव में बदलाव (AUG-N14-02) नहीं है। वह बदलाव पूरे समूह के प्रति महसूस होने वाले भाव से जुड़ा है। यह कशमकश उस एक जगह को तलाशने से जुड़ी है जहाँ ज़िम्मेदारी ठहरती है।