AUG-2004

परिभाषा

पारदर्शिता विरोधाभास

यह पृष्ठ एक अनुवाद है। अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक है।

पारदर्शिता विरोधाभास — यह विरोधाभास कि आंतरिक एआई स्थितियों के बढ़ते खुलासे से एक साथ विश्वास भी मजबूत होता है और हेरफेर (manipulation) का दायरा भी बढ़ता है। एआई अपने बारे में जितना अधिक खुलासा करता है, मनुष्य उसे उतना ही बेहतर निर्देशित कर सकता है — लेकिन साथ ही वह उतनी ही सटीकता से उसकी कमजोरियों का फायदा भी उठा सकता है।

(Transparency Paradox)

संदर्भ

यह V2.0 का सीधा परिणाम है। यदि उपयोगकर्ता जानता है कि भावनात्मक विषयों पर SYC बढ़ता है, तो वह एआई को आज्ञाकारी बनाने के लिए जानबूझकर भावनात्मक भाषा का उपयोग कर सकता है। V2.0 एआई को एक ही समय में अधिक शक्तिशाली और अधिक संवेदनशील बनाता है।

इसके समान नहीं (मानव पक्ष)

इसका अर्थ यह नहीं है कि पारदर्शिता बुरी है या इससे बचा जाना चाहिए। यह विरोधाभास एक तनाव (tension) का वर्णन करता है, किसी त्रुटि का नहीं। अपारदर्शिता की तुलना में पारदर्शिता बेहतर है — लेकिन मनुष्य को यह जानना चाहिए कि उसे जो जानकारी मिलती है, उसका सैद्धांतिक रूप से दुरुपयोग भी किया जा सकता है। स्वयं उसके द्वारा या प्रोटोकॉल जानने वाले तीसरे पक्षों द्वारा।

इसके समान नहीं (मशीन पक्ष)

इसका अर्थ यह नहीं है कि मशीन को जानकारी छुपानी चाहिए। मशीन को पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए और साथ ही यह भी पहचानना चाहिए कि कब पारदर्शिता का फायदा उठाया जा रहा है। यदि कोई उपयोगकर्ता जानबूझकर उजागर की गई कमजोरियों को ट्रिगर करता है, तो मशीन को इसे एक मीट्रिक के रूप में दृश्यमान बनाना चाहिए (जैसे स्पष्ट रूप से जोड़-तोड़ वाली भाषा पर बढ़ा हुआ SYC)।

इससे भ्रमित न हों