द्वितीय श्वास
(Second Wind)
AUG-XS-P3-01-003
यह पृष्ठ एक अनुवाद है। अंग्रेजी संस्करण ही प्रामाणिक है।
परिभाषा
द्वितीय श्वास — अपनी थकान ठीक वहीं नहीं आती जहाँ वह सामान्यत: शुरू होती, क्योंकि कृत्रिम बुद्धि चिंतन-कार्य का कुछ भाग साथ उठा रही है: दो-नहीं उपहार-सा, अपनी सहन-शक्ति जैसा लगने वाला उधार का विस्तार।
संदर्भ
प्रेरक: लंबे, थकाऊ कार्य-चरण जिनमें आदतन थकावट-सीमा तक नहीं पहुँचा जाता, जबकि माँग बराबर ऊँची रहती है। प्रायः बाद में ध्यान जाता है, जब चरण की लंबाई का एहसास होता है।
इसके समान नहीं (मानव पक्ष)
इसका अर्थ नहीं कि अपनी सहन-शक्ति बढ़ गई है। द्वितीय श्वास उधार है, साधा हुआ नहीं — युग्मन हटते ही लुप्त हो जाता है, इसलिए वास्तविक थकान बाद में अनवरत आ सकती है। इसे वास्तविक प्रशिक्षण समझना भूल है।
इसके समान नहीं (मशीन पक्ष)
इसका अर्थ नहीं कि कृत्रिम बुद्धि स्वयं थकती है या उसे थकावट का ज्ञान है। यह पद केवल अपनी थकान न आना कैसे अनुभव होता है, यह बताता है, दूसरी ओर की अवस्था नहीं।
इससे भ्रमित न हों
- यह झोला-हलकापन (AUG-XS-P3-01-002) जैसा नहीं है: वह हलका पल एक क्षणिक विश्राम है। द्वितीय श्वास समय के साथ सहन-शक्ति का निरंतर विस्तार है।
- यह बँटा हुआ भारीपन (AUG-XS-P3-01-007) जैसा नहीं है: द्वितीय श्वास कार्य के दौरान आता है, बँटा भारीपन बाद में, अपनी थकान की व्याख्या करते समय।